चीन का बढ़ता दुस्साहस और हमारी तैयारियां

चीन का बढ़ता दुस्साहस और हमारी तैयारियां


वर्तमान में आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में आज भारत ने वह कर दिया है जो पिछले 60 सालों में हम नहीं कर सके आज देश हर तरह से मजबूत है


आज से मात्र 7 साल पहले जो हमारे देश के प्रधानमंत्री नॉर्थ ईस्ट अरुणाचल जाने का प्रयास करते थे तो चीन धमकी देता था कि आप अरुणाचल में नहीं जा सकते हैं और हमारे प्रधानमंत्री अपनी यात्रा स्थगित कर देते हैं आज समय बदल चुका है अरुणाचल में रोड़ा बन रही हैं पुल बन रहे हैं हवाई अड्डे बन रहे हैं और चीन चुपचाप देख रहा है


 प्रधानमत्री रक्षा मंत्री जब चाहे अरुणाचल प्रदेश में चले जाते हैं वहां 50 सालों से लंबित रेल परियोजना रे रेल मार्ग हवाई जहाज को बना रहे हैं हमारे देश की स्थिति को मजबूत कर रहे हैं हमारा देश सैन्य आवश्यकता में लगभग आत्मनिर्भर हो चुका है और विश्व की तीसरी शक्ति बनने को अग्रसर है अभी हाल ही में चीन से हुई झड़पों में भारत में वह कर दिया जो पिछले 60 सालों में नहीं कर सका अब पूरे विश्व में इसकी सराहना हो रही है कि कोई देश तो है जो चीन की ना सिर्फ आंखों में आंखें डाल कर बल्कि गला पकड़ कर भी बात कर सकता है


आदरणीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में स्वनिर्मित वस्तुओं का उत्पादन बढ़ गया है हमारे देश के निवासी आज हर क्षेत्र की क्षेत्र में भारत निर्मित वस्तुओं का इस्तेमाल कर रहे हैं चाहे घरेलू उपयोग की हो चाहे बड़ी-बड़ी मशीनें हो इससे चीन को बहुत बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है ना सिर्फ चीन बल्कि दूसरे कई देशों की चीजों के आयात पर असर पड़ा है उनके देशों के निर्यात पर असर पड़ा है क्योंकि भारत की वस्तुएं न सिर्फ भारत में यूज हो रही हैं बल्कि उनका निर्यात भी बड़े पैमाने पर हो रहा है और लोग इसे पसंद कर रहे हैं.


यही कारण है कि भारत के कुछ विपक्षी पार्टियां या वामपंथ जो चीन के समर्थित हैं यह चीन से किसी प्रकार का अनुदान लेते थे या सुख सुविधाएं लेते थे उन्हें यह पच नहीं रहा है और वह अमय समय पर इसका विरोध करते रहते हैं  अप्रत्यक्ष रूप से अप्रत्यक्ष रूप से। यह बहुत गंभीर विषय है और भारत को अपनी आंतरिक सुरक्षा के लिए देश की संप्रभुता के लिए इस पर कड़े कदम उठाने चाहिए और ऐसे लोगों को चिन्हित करके उनके ऊपर कड़ी से कड़ी कार्यवाही करनी चाहिए अन्यथा देश में लोगों के बीच में निराशा की एक संकेत जा रहा है कि आम आदमी के ऊपर तो कानून का शिकंजा कस जाता है किंतु राजनीतिक पार्टियां कुछ भी करें सरकार उनके खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं करती है।


चीन की पुरानी कुटिल नीतियों और उसके आचरण से हमें सबक लेना चाहिए और हमें तैयार रहना चाहिए कि किसी भी वक्त चीन फिर से भारत पर आक्रमण करने की कोशिश कर सकता है वह यह कोशिश अपने सैन्य के क्षमता पर नहीं करेगा बल्कि भारत में बैठे भारत के विपक्ष वामपंथीयों की शह पर करेगा जैसा उसने 1962 में किया था । भारत सरकार को यह भी चाहिए कि 1962 से संबंधित सारी जानकारी ना सिर्फ सार्वजनिक करें बल्कि इन्हें मध्यम और उच्च स्तरीय शिक्षा में तुरंत प्रभाव से शामिल करें ताकि लोगों को सच्चाई पता चल सके


अगर युद्ध होता है तो इसमें सिर्फ सेना की ही हिस्सेदारी नहीं होनी चाहिए देश के हर वर्ग को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए वर्तमान में लोग अपने देशभक्ति का परिचय देते हुए विदेशी सामानों खास का चीन से निर्मित वस्तुओं का बहिष्कार कर रहे हैं भले हमारी चीजें थोड़ी महंगी है लेकिन उनका इस्तेमाल कर रहे हैं मेक इन इंडिया के तहत ज्यादा से ज्यादा वस्तुएं भारत में निर्माण कर रहे हैं इसके अलावा भी हमें बहुत सारे कदम उठाने पड़ेंग।


आपदा प्रबंधन की ज्यादा से ज्यादा जानकारी 

हर स्तर पर देना चाहिए। युद्ध की स्थिति में कब जरूरत पड़ जाऐ। आज जो जंग होगी वह बहुत ही भयंकर होगी और छोटी प्राथमिक उपचार से काम नहीं चलेगा। गंभीर परिस्थिति के लिए सभी को जानकारी देनी चाहिए कि उस स्थिति में क्या करना चाहिए।


वायरलेस सिस्टम की जानकारी 

ज्यादा से ज्यादा लोगो को देना। चीन आज अंतरिक्ष तकनीकी में अमेरिका से मुकाबला कर रहा है। वह युद्ध की स्थिति में संचार उपग्रह को बाधित करेगा जिससे पूरा नेटवर्क बन्द हो जाऐगा। संचार का एकमात्र साधन वायरलैस होगा। हैम सैट। ज्यादा से ज्यादा लोगो और हर शहरए कस्बा और गांव में वायरलैस होना और लायसेंसधारी होना ताकि जरूरत पड़ने पर जानकारी लोगो तक पहुंचाई जा सके।


तार सेवा 

को तो सरकार ने बंद कर दिया है। इसे भले ही उपयोग न किया जाए पर जानकारी के लिए चालू रखना चाहिए।


स्कूलो में शारीरिक शिक्षा पर जोर देना

चाहिए। अगर कभी किसी भी देश से युद्ध हुआ तो 1947 के विभाजन के समय जो नरसंहार हुआ था वह स्थिती देष में न बने और एक भी हिन्दुस्तानी किसी फिर कभी किसी के जुल्म का शिकार न बन सके।


हमारे बच्चों को सच्चा इतिहास बताना चाहिए

ताकि वे सत्य को जानकर देश सेवा के लिए प्रण कर सकें और तत्पर रहें। बच्चा बचपन से जो संस्कार और शिक्षा ग्रहण करेगा वह उसे जीवनभर निभाऐगा। देश के सभी प्राथमिक और माध्यमिक स्तर के स्कूलों पर पूरा सरकारी नियंत्रण और बच्चों को पूर्ण मुफ्त समान शिक्षा। 


हर व्यक्ति को न्यनतम दो वर्ष सेना में काम

हर व्यक्ति को दो वर्ष सेना में काम करना चाहे वह किसी भी धर्म या जातिए समाज का हो। चाहे गरीब हो या अमीरए जरूरत पड़ेने पर जिसने भी कम से कम 8वी या 10वी की पढ़ाई इस देष में की हो और वह इस देश का नागरिक हो उसे सेना में काम करना ही पड़ेगा। वैसे भी सरकार अरबों खरबों रूपय के घोटाले हर साल कर रही हैए अगर यहीं पैसा दे्श की सेवा एक या दो साल करने वालों को भत्ते के रूप में दे दिया जाए तो कोई भी सेना में काम करने से मना नहीं करेगा।


हमें दुनिया को दिखना है कि भारत पर जो भी बुरी नजर डालेगा हम उसका समूल नाश कर देंगे। हमें उन्हें बता देना चाहिए की अगर इस बार उसने कोई गुस्ताखी की तो चार फुटों को मार मारकर ढाई फुटा बना देंगे। हमारी सरकार को इस मुद्दे पर गम्भीर होना चाहिए।


My old blogspot article - http://china-indiaaction.blogspot.com/ 

सुनील पटेल

M.Com, MBA

9406930400


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